SBI Annuity Deposit Scheme in Hindi: एक बार जमा करें, हर महीने कमाई करें (पूरी जानकारी)

क्या आप रिटायर हो चुके हैं या आपके पास कुछ ऐसी जमा पूंजी (Lump sum money) है जिसे आप सुरक्षित जगह निवेश करना चाहते हैं? हर कोई चाहता है कि उसका पैसा सुरक्षित रहे और उससे हर महीने घर का खर्च भी चलता रहे।

अगर आप शेयर बाजार के जोखिम से डरते हैं और FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) से कुछ अलग चाहते हैं, तो SBI Annuity Deposit Scheme in Hindi आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है।

आज के इस आर्टिकल में हम बिल्कुल आसान भाषा में (जैसे 5वीं क्लास के बच्चे को समझाते हैं) जानेंगे कि यह स्कीम क्या है, इसमें ब्याज कितना मिलता है और यह FD से कैसे अलग है।

SBI Annuity Deposit Scheme in Hindi क्या है?

SBI Annuity Deposit Scheme एक ऐसा निवेश विकल्प है, जिसमें आप एक बार में अपना पैसा जमा करते हैं और इसके बदले हर महीने एक फिक्स्ड अमाउंट ब्याज समेत प्राप्त करते हैं। यह योजना उन लोगों के लिए आदर्श है जो नियमित मासिक आय चाहते हैं।

SBI Annuity Deposit Scheme in Hindi क्या है?

सबसे पहले समझते हैं कि SBI Annuity Deposit Scheme in Hindi आखिर है क्या।

आसान शब्दों में कहें तो, यह एक “रिवर्स ईएमआई” (Reverse EMI) जैसी स्कीम है।

आम तौर पर जब हम बैंक से लोन लेते हैं, तो हम बैंक को हर महीने किश्त (EMI) चुकाते हैं। लेकिन इस स्कीम में उल्टा होता है।

  1. आप बैंक को एक बार में ढेर सारा पैसा (एकमुश्त राशि) दे देते हैं।
  2. बदले में बैंक आपको अगले कुछ सालों तक हर महीने एक फिक्स रकम वापस करता है।
  3. इस मासिक रकम में आपका मूलधन (Principal) और ब्याज (Interest) दोनों शामिल होता है।

यह उन लोगों के लिए बहुत अच्छी है जो एक बार पैसा जमा करके हर महीने सैलरी जैसी इनकम चाहते हैं।

इस स्कीम के खास फायदे (Benefits)

अगर आप SBI Annuity Deposit Scheme in Hindi में निवेश करने का सोच रहे हैं, तो इसके फायदे जान लीजिए:

  • सुरक्षित निवेश: चूंकि यह SBI (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) की योजना है, इसलिए आपका पैसा 100% सुरक्षित है।
  • नियमित आय: आपको हर महीने एक निश्चित तारीख को पैसा मिलता रहेगा।
  • ब्याज दर: इसमें आपको वही ब्याज मिलता है जो बैंक की FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) पर मिल रहा है।
  • सीनियर सिटीजन को फायदा: अगर आपकी उम्र 60 साल से ज्यादा है, तो आपको 0.50% ज्यादा ब्याज मिलेगा।
  • कोई अधिकतम सीमा नहीं: आप इसमें जितना चाहे उतना पैसा जमा कर सकते हैं।
  • लोन सुविधा: जरूरत पड़ने पर आप अपनी जमा राशि पर 75% तक का लोन या ओवरड्राफ्ट ले सकते हैं।

निवेश कितने समय के लिए कर सकते हैं? (Tenure)

आप अपनी मर्जी के हिसाब से समय चुन सकते हैं। यह स्कीम मुख्य रूप से 4 अवधियों के लिए उपलब्ध है:

  • 3 साल
  • 5 साल
  • 7 साल
  • 10 साल

SBI Annuity Deposit Scheme Calculator: कितना मिलेगा पैसा?

यह सबसे जरुरी सवाल है। चलिए एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने ₹10,00,000 (10 लाख) रुपये 6% ब्याज दर पर 5 साल के लिए जमा किए।

तो बैंक आपको अगले 5 साल तक हर महीने लगभग ₹19,333 रुपये वापस करेगा।

ध्यान दें: जो पैसा आपको हर महीने मिलेगा, उसमें आपका जमा किया हुआ पैसा और ब्याज दोनों जुड़ा हुआ होता है। इसलिए 5 साल खत्म होने पर आपको अलग से कोई मैच्योरिटी राशि (Maturity Amount) नहीं मिलेगी, क्योंकि बैंक आपको हर महीने थोड़ा-थोड़ा करके सब वापस चुका चुका है।

Eligibility: कौन खाता खोल सकता है?

SBI Annuity Deposit Scheme in Hindi का लाभ उठाने के लिए ये शर्तें हैं:

  1. आप भारत के निवासी (Resident Individual) होने चाहिए।
  2. बच्चे (Minors) भी यह खाता खोल सकते हैं।
  3. आप इसे अकेले (Single) या किसी के साथ मिलकर (Joint) भी खोल सकते हैं।
  4. NRE या NRO ग्राहक (विदेशी भारतीय) यह खाता नहीं खोल सकते।

कम से कम कितना पैसा जमा करना होगा?

इस स्कीम में न्यूनतम जमा राशि (Minimum Deposit) का नियम थोड़ा अलग है।

नियम यह है कि आप इतना पैसा जरूर जमा करें कि आपको हर महीने कम से कम ₹1000 की मासिक आय मिले।

उदाहरण के लिए, 7% ब्याज दर पर आपको कम से कम ₹35,000 से ₹40,000 जमा करने पड़ सकते हैं ताकि ₹1000 महीना बन सके।

FD और Annuity Deposit Scheme में क्या अंतर है?

बहुत से लोग FD और इसमें कंफ्यूज हो जाते हैं। आइए अंतर समझते हैं:

फीचरFixed Deposit (FD)SBI Annuity Deposit Scheme
भुगतानपैसा समय पूरा होने पर (Matchurity) एक साथ मिलता है।पैसा जमा करने के अगले महीने से ही मिलना शुरू हो जाता है।
मूलधन (Principal)अंत में वापस मिलता है।हर महीने की किश्त में थोड़ा-थोड़ा वापस मिलता रहता है।
किसे करवानी चाहिए?जिसे पैसा बढ़ाना है (Wealth Creation)।जिसे हर महीने खर्च के लिए पैसा चाहिए (Regular Income)।

SBI Annuity Deposit Scheme में अप्लाई कैसे करें?

खाता खुलवाना बहुत आसान है:

  1. ऑफलाइन: आप अपने नजदीकी SBI ब्रांच में जाकर फॉर्म भरकर चेक जमा कर सकते हैं। इसके लिए पैन कार्ड और आधार कार्ड ले जाना न भूलें।
  2. ऑनलाइन: अगर आपके पास SBI नेट बैंकिंग (YONO) है, तो आप घर बैठे e-fixed deposit सेक्शन में जाकर इसे खोल सकते हैं।

क्या समय से पहले पैसा निकाल सकते हैं? (Premature Withdrawal)

जी हाँ, लेकिन कुछ शर्तों के साथ:

  • अगर जमाकर्ता की मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी पूरा पैसा निकाल सकता है (बिना किसी पेनल्टी के)।
  • अगर जमा राशि ₹15 लाख तक है, तो आप पेनल्टी देकर समय से पहले बंद कर सकते हैं।
  • लेकिन, अगर राशि ₹15 लाख से ज्यादा है, तो सामान्य स्थिति में इसे बीच में बंद नहीं किया जा सकता (सिर्फ मृत्यु की स्थिति में ही संभव है)।

RD, FD और SBI Annuity Deposit Scheme में अंतर

  • RD:
    • हर महीने निवेश करना होता है।
    • पैसा मैच्योरिटी पर मिलता है।
  • FD:
    • एक बार निवेश करने के बाद, मैच्योरिटी पर ब्याज के साथ पूरी राशि मिलती है।
  • SBI Annuity Deposit Scheme:
    • एक बार निवेश करने के बाद, हर महीने निवेश और ब्याज दोनों का भुगतान होता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्तों, SBI Annuity Deposit Scheme in Hindi उन लोगों के लिए एक बेहतरीन वरदान है जो रिटायर हो चुके हैं या जिन्हें एकमुश्त पैसे से हर महीने घर खर्च चलाना है। इसमें पैसा भी सुरक्षित रहता है और ब्याज भी अच्छा मिलता है।

अगर आपके पास भी एकमुश्त रकम है और आप उसे बैंक में रखकर हर महीने कमाना चाहते हैं, तो आज ही अपनी एसबीआई ब्रांच से संपर्क करें।

People Also Ask (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. SBI एन्युटी डिपॉजिट स्कीम की ब्याज दर क्या है?

Ans: इस स्कीम की ब्याज दर वही होती है जो उस समय SBI की टर्म डिपॉजिट (FD) पर चल रही होती है। सीनियर सिटीजन को इसमें 0.50% और SBI स्टाफ को 1% एक्स्ट्रा मिलता है।

Q2. क्या मैं इस स्कीम को बीच में बंद कर सकता हूँ?

Ans: 15 लाख रुपये तक की जमा राशि को पेनल्टी देकर बीच में बंद किया जा सकता है। उससे बड़ी राशि को केवल विशेष परिस्थितियों (जैसे मृत्यु) में ही बंद किया जा सकता है।

Q3. क्या इस स्कीम पर लोन मिल सकता है?

Ans: जी हाँ, विशेष जरूरतों के लिए आप जमा राशि के बैलेंस का 75% तक लोन ले सकते हैं।

Q4. क्या एन्युटी से मिलने वाला पैसा टैक्सेबल है?

Ans: हाँ, इस योजना से मिलने वाला ब्याज आपकी आय में जोड़ा जाता है और आपके टैक्स स्लैब के अनुसार उस पर TDS काटा जा सकता है।


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