JEE Mains Kitne Marks Ka Hota Hai: एग्जाम पैटर्न, नेगेटिव मार्किंग और पूरी जानकारी

क्या आप भी एक इंजीनियर बनने का सपना देख रहे हैं? अगर हाँ, तो आपने JEE (Joint Entrance Examination) का नाम जरूर सुना होगा। यह भारत की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग परीक्षाओं में से एक है। लेकिन तैयारी शुरू करने से पहले छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि आखिर JEE Mains kitne marks ka hota hai?

अक्सर छात्रों को JEE exam pattern in hindi और मार्किंग को लेकर कन्फ्यूजन रहता है। अगर आपको यह नहीं पता होगा कि what is the total marks in jee mains, तो आप अपना टारगेट स्कोर कैसे सेट करेंगे?आज के इस आर्टिकल में हम बिल्कुल आसान भाषा में समझेंगे कि जेईई मेंस का पेपर कितने नंबर का आता है, क्या इसमें negative marking in jee होती है या नहीं, और आपको पास होने के लिए क्या करना होगा

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JEE Mains Kitne Marks Ka Hota Hai? (Quick Answer)

सीधे शब्दों में कहें तो, JEE Mains का पेपर 1 (B.E./B.Tech) कुल 300 नंबर (Marks) का होता है।

लेकिन रुकिए! JEE में दो अलग-अलग पेपर होते हैं और दोनों के मार्क्स अलग-अलग हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:

  • Paper 1 (B.E./B.Tech के लिए): यह 300 मार्क्स का होता है।
  • Paper 2 (B.Arch/B.Plan के लिए): यह 400 मार्क्स का होता है।

ज्यादातर छात्र B.Tech (इंजीनियरिंग) के लिए पेपर देते हैं, इसलिए उनके लिए 300 मार्क्स ही मान्य हैं।

JEE Exam Pattern in Hindi (एग्जाम पैटर्न और मार्क्स)

अब जब आप जान गए हैं कि jee mains kitne marks ka hota hai, तो अब यह जानना जरुरी है कि ये नंबर किन विषयों (Subjects) में बंटे होते हैं। NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) हर साल इस पैटर्न को तय करती है।

नीचे दी गई टेबल से आप आसानी से समझ सकते हैं:

Paper 1 (B.E./B.Tech) का पैटर्न:

विषय (Subject)कुल प्रश्न (Questions)कुल मार्क्स (Total Marks)
Physics (भौतिकी)30100
Chemistry (रसायन)30100
Maths (गणित)30100
Total (कुल)90 (75 करने होते हैं)300 Marks

ध्यान दें: हर विषय में दो सेक्शन होते हैं – सेक्शन A (MCQ) और सेक्शन B (Numerical)। आपको सेक्शन B में चॉइस मिलती है।

अगर आप JEE Advanced के बारे में जानना चाहते हैं, तो आप नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करके उसके बारे में पढ़ सकते हैं। – JEE Advance क्या है? पेपर कौन बनाता है ?, Eligibility, Syllabus, Exam Pattern, Marks, Fees, Negative Marking?

Negative Marking in JEE Mains (क्या नंबर कटते हैं?)

बहुत से छात्रों का सवाल होता है: is there negative marking in jee mains?

जी हाँ, JEE Mains में नेगेटिव मार्किंग होती है। इसका मतलब है कि अगर आप तुक्का लगाएंगे, तो आपके नंबर कम हो जाएंगे।

Negative marking in jee mains का नियम:

  • सही जवाब (+4): अगर आपका जवाब सही है, तो आपको 4 नंबर मिलेंगे।
  • गलत जवाब (-1): अगर आपका जवाब गलत है, तो आपका 1 नंबर काट लिया जाएगा
  • जवाब नहीं दिया (0): अगर आपने सवाल छोड़ दिया है, तो न नंबर मिलेंगे और न कटेंगे (Zero)।

इसलिए, jee negative marking से बचने के लिए उन्हीं सवालों का जवाब दें जिनका आपको पक्का भरोसा हो।

JEE Exam Marks: Paper 2 (B.Arch & B.Plan)

अगर आप आर्किटेक्चर (Building Design) में जाना चाहते हैं, तो आपको पेपर 2 देना होगा।

  • B.Arch (Paper 2A): यह कुल 400 मार्क्स का होता है। इसमें मैथ्स, एप्टीट्यूड और ड्राइंग टेस्ट होता है।
  • B.Plan (Paper 2B): यह भी 400 मार्क्स का होता है, लेकिन इसमें ड्राइंग की जगह प्लानिंग के सवाल आते हैं।

JEE Mains Syllabus: क्या पढ़ना होगा?

JEE exam marks अच्छे लाने के लिए आपको सिलेबस पता होना चाहिए। यह परीक्षा 11वीं और 12वीं कक्षा की पढ़ाई पर आधारित होती है।

  1. Physics: गति (Motion), ऊर्जा (Energy), बिजली (Electricity) आदि।
  2. Chemistry: रसायनिक अभिक्रियाएं, परमाणु संरचना आदि।

Maths: त्रिकोणमिति (Trigonometry), बीजगणित (Algebra), कैलकुलस आदि।

JEE Mains देने के लिए कौन Eligible है? (योग्यता)

सिर्फ यह जानना काफी नहीं है कि jee mains kitne marks ka hota hai, आपको यह भी पता होना चाहिए कि आप फॉर्म भर सकते हैं या नहीं।

  • आपने 12वीं कक्षा पास कर ली हो या अभी 12वीं में हों।
  • आपके पास 11वीं-12वीं में Physics, Chemistry और Maths विषय होने चाहिए।
  • आप यह एग्जाम लगातार 3 साल तक दे सकते हैं (एक बार 12वीं के साथ, और दो बार बाद में)।

JEE Mains के बाद एडमिशन कहाँ मिलता है?

अगर आप jee mains negative marking से बचकर अच्छा स्कोर ले आते हैं, तो आपको भारत के टॉप सरकारी कॉलेजों में एडमिशन मिल सकता है:

  • NITs: नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी।
  • IIITs: इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी।
  • GFTIs: सरकारी फंडेड टेक्निकल इंस्टिट्यूट।

निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्तों, इंजीनियर बनने का रास्ता मेहनत मांगता है। अब आपको बिल्कुल क्लियर हो गया होगा कि jee mains kitne marks ka hota hai और इसका पैटर्न क्या है। याद रखें, jee mains negative marking बहुत खतरनाक हो सकती है, इसलिए तैयारी पक्की रखें।

अगर आप 300 में से अच्छा स्कोर करना चाहते हैं, तो अभी से टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई शुरू कर दें। अगर आपके मन में कोई और सवाल है, तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं। Asan Jankari की तरफ से आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

People Also Ask (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. JEE Mains कुल कितने नंबर का होता है?

Ans: JEE Mains का Paper 1 (इंजीनियरिंग के लिए) कुल 300 मार्क्स का होता है

Q2. क्या JEE Mains में नेगेटिव मार्किंग होती है?

Ans: हाँ, negative marking in jee होती है। हर गलत जवाब पर आपका 1 नंबर (-1) काट लिया जाता है।

Q3. JEE Mains में पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए?

Ans: JEE Mains में कोई फिक्स पासिंग मार्क्स नहीं होते, लेकिन कट-ऑफ (Cut-off) क्लियर करनी होती है। सामान्य वर्ग के लिए यह अक्सर 90+ परसेंटाइल के आसपास होती है।

Q4. JEE पेपर में कितने प्रश्न आते हैं?

Ans: पेपर 1 में कुल 90 प्रश्न आते हैं, लेकिन आपको उनमें से केवल 75 प्रश्न हल करने होते हैं।


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