क्या आपको इंद्रधनुष (Rainbow) के सात रंग पसंद हैं? जिस तरह इंद्रधनुष के सात रंग आसमान को खूबसूरत बनाते हैं, ठीक उसी तरह भारत सरकार का Mission Indradhanush in Hindi बच्चों की जिंदगी को बीमारियों से बचाकर खुशहाल बना रहा है।
अक्सर देखा गया है कि कई गरीब परिवार पैसों की कमी या जानकारी न होने के कारण अपने बच्चों को समय पर टीके (Vaccine) नहीं लगवा पाते। इसी समस्या को खत्म करने के लिए mission indradhanush yojana in hindi की शुरुआत की गई।
आज के इस आर्टिकल में हम बहुत ही आसान भाषा में समझेंगे कि Mission Indradhanush in Hindi क्या है, इसमें कौन-कौन सी बीमारियों के टीके लगते हैं, और क्या यह सिर्फ स्वास्थ्य के लिए है या बैंकों के लिए भी? (जी हाँ, इसमें एक ट्विस्ट है जो आपको नीचे पता चलेगा!)।
Mission Indradhanush in Hindi क्या है? (What is Mission Indradhanush)
Mission Indradhanush in Hindi भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक विशाल टीकाकरण अभियान है ।
इसकी शुरुआत 25 दिसंबर 2014 को ‘गुड गवर्नेंस डे’ (सुशासन दिवस) के मौके पर की गई थी । इसका मुख्य मकसद उन सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुंचना है जो किसी कारणवश टीकाकरण से छूट गए हैं ।
सरकार का लक्ष्य था कि साल 2020 तक देश के सभी बच्चों का पूर्ण टीकाकरण (Full Immunization) कर दिया जाए ।
इसका नाम ‘इंद्रधनुष’ क्यों रखा गया?
यह एक बहुत ही दिलचस्प सवाल है। इंद्रधनुष में 7 रंग होते हैं। इसी तरह, जब यह मिशन शुरू हुआ, तो इसका मुख्य उद्देश्य 7 जानलेवा बीमारियों को रोकने वाले टीके लगाना था। इसलिए इसे mission indradhanush yojana in hindi नाम दिया गया।
Mission Indradhanush के कितने Version है?
मिशन इंद्रधनुष को बाद में बढ़ाया गया और इसके नए-नए version को लांच किया गया।
- Mission Indradhanush
- Intensified Mission Indradhanush
- Mission Indradhanush Intensified 2.0
- Mission Indradhanush Intensified 3.0
Mission Indradhanush में कौन-कौन सी बीमारियां शामिल हैं?
शुरुआत में इस मिशन के तहत 7 मुख्य बीमारियों से बचाव के टीके लगाए जाते थे 6:
- डिफ्थीरिया (Diphtheria)
- काली खांसी (Whooping Cough)
- धनुस्तंभ (Tetanus)
- पोलियो (Polio)
- तपेदिक (Tuberculosis/TB)
- खसरा (Measles)
- हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B)
ध्यान दें: समय के साथ इसमें और भी टीके जोड़े गए हैं। अब इसमें जापानी एन्सेफलाइटिस (दिमागी बुखार), निमोनिया, रोटावायरस और हेमोफिलस इन्फ्लूएंजा टाइप बी (कुछ चुने हुए राज्यों में) के टीके भी शामिल हैं ।
Mission Indradhanush Yojana in Hindi का उद्देश्य (Objective)
Mission Indradhanush in Hindi का सबसे बड़ा लक्ष्य यह है कि देश का कोई भी बच्चा बिना टीके के न रहे।
- बच्चों की सुरक्षा: इसका उद्देश्य 2 साल तक के उन बच्चों को ढूंढकर टीका लगाना है जो टीकाकरण अभियान से छूट गए थे।
- गर्भवती महिलाएं: सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि गर्भवती महिलाओं को भी टिटनेस और अन्य जरूरी टीके लगाना इस योजना का हिस्सा है।
- मौत के आंकड़े कम करना: टीकाकरण न होने की वजह से कई बच्चों की मौत हो जाती थी, जिसे रोकना इस मिशन का धर्म है।
टीकाकरण चार्ट: बच्चों को कब कौन सा टीका लगता है?
Mission Indradhanush in Hindi के तहत एक निश्चित समय सारिणी (Schedule) फॉलो की जाती है। आपकी सुविधा के लिए हमने इसे आसान टेबल में बनाया है:
| बच्चे की उम्र | कौन सा टीका (Vaccine) लगेगा? |
| जन्म के समय | BCG, OPV-0, Hepatitis-B |
| 1.5 महीने (6 सप्ताह) | OPV-1, Pentavalent-1, Rotavirus, fIPV-1 |
| 2.5 महीने (10 सप्ताह) | OPV-2, Pentavalent-2, Rotavirus-2 |
| 3.5 महीने (14 सप्ताह) | OPV-3, Pentavalent-3, fIPV-2 |
| 9 महीने | खसरा (Measles), विटामिन A की पहली खुराक |
| 16-24 महीने | DPT बूस्टर, OPV बूस्टर, खसरा दूसरी खुराक |
गर्भवती महिलाओं के लिए गर्भावस्था के तुरंत बाद TT-1 और उसके 28 दिन बाद TT-2 का टीका लगवाना जरूरी है ।
Mission Indradhanush Intensified 2.0 क्या है?
Mission Indradhanush Intensified 2.0, मिशन इंद्रधनुष का तीसरा version हैं। यह दिसंबर 2019 में लांच किया गया। इसमें 2 साल से कम उम्र वाले बच्चे और Pregnant महिलाओं को शामिल किया गया। इसमें 27 राज्य में 272 जिलों और उत्तर प्रदेश और बिहार के 652 block को शामिल किया गया क्योंकि उत्तर प्रदेश और बिहार में medical facilities इतनी उपलब्ध नहीं है।
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Mission Indradhanush डेंसिफाइड 3.0 क्या है?
मिशन इंद्रधनुष इंटेंसिफाइड 3.0, मिशन इंद्रधनुष का चौथा version हैं। यह 2021 में लांच किया गया। इसमें उन महिला और बच्चों को vaccinate किया गया जो कोविड-19 की वजह से बच गए थे।
क्या Mission Indradhanush सफल रहा? (Success of the Mission)
जी हाँ, mission indradhanush yojana in hindi ने भारत में स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांति ला दी है।
- साल 2018 तक लगभग 3.5 करोड़ बच्चों और 81 लाख गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा चुका था ।
- एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मिशन की वजह से नवजात बच्चों की मौत के आंकड़ों में भारी कमी आई है ।
- इस अभियान को दुनिया भर में सराहा गया है और इसे 12 बेहतरीन वैश्विक प्रथाओं (Global Best Practices) में से एक चुना गया है ।
निष्कर्ष (Conclusion)
दोस्तों, Mission Indradhanush in Hindi सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि हमारे देश के भविष्य (बच्चों) को सुरक्षित रखने का एक वादा है। चाहे वह स्वास्थ्य वाला मिशन हो जो 7 बीमारियों से बचाता है , या बैंकों वाला मिशन जो 7 तरीकों से इकोनॉमी को बचाता है – दोनों ही देश के लिए महत्वपूर्ण हैं।
अगर आपके घर के आसपास कोई ऐसा बच्चा है जिसे टीके नहीं लगे हैं, तो आशा वर्कर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क जरूर करें। एक छोटा सा टीका किसी की जान बचा सकता है।
People Also Ask (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Ans: मिशन इंद्रधनुष की शुरुआत 25 दिसंबर 2014 को सुशासन दिवस के अवसर पर हुई थी
Ans: इसका मुख्य उद्देश्य उन सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करना है जो नियमित टीकाकरण से छूट गए हैं, और 2020 तक पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करना था
Ans: इसमें मुख्य रूप से 7 बीमारियों (डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, पोलियो, टीबी, खसरा और हेपेटाइटिस-बी) के टीके लगते हैं। अब इसमें निमोनिया और जापानी बुखार के टीके भी शामिल हैं ।
Ans: यह मिशन का अगला चरण है। इसका मकसद उन जिलों और शहरों पर फोकस करना है जहां टीकाकरण बहुत कम हुआ है, ताकि कोई भी बच्चा छूटे नहीं।