क्या आप भी मेडिकल लाइन में अपना करियर बनाना चाहते हैं? क्या आपके मन में भी समाज सेवा का जज्बा है और आप ग्रामीण इलाकों में लोगों का इलाज करना चाहते हैं? अगर हाँ, तो CMS ED Course in Hindi आपके लिए एक वरदान साबित हो सकता है।
आज के समय में हर कोई MBBS डॉक्टर नहीं बन सकता, क्योंकि उसकी पढ़ाई बहुत महंगी और कठिन होती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप मेडिकल क्षेत्र में काम नहीं कर सकते। CMS ED Course Details in Hindi जानकर आप समझेंगे कि कैसे कम फीस और कम समय में आप एक सम्मानजनक मेडिकल करियर शुरू कर सकते हैं।
इस विस्तृत आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि cms ed course kya hai, इसे करने के लिए cms ed course fees कितनी लगती है, इसमें आपको क्या पढ़ाया जाता है (Syllabus), और सबसे जरुरी बात—क्या यह कोर्स करने के बाद आप अपना क्लिनिक खोल सकते हैं?
तो चलिए, आसान हिंदी में जानते हैं cms and ed course kya hai और इसकी पूरी ए-टू-जेड जानकारी।
CMS ED Course Kya Hai? (What is CMS ED Course)

सबसे पहले आसान शब्दों में समझते हैं कि आखिर यह cms ed course kya hai?
CMS & ED का पूरा नाम “Community Medical Service & Essential Drugs” (कम्युनिटी मेडिकल सर्विस एंड एसेंशियल ड्रग्स) है। हिंदी में इसे ‘सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा और आवश्यक दवाएं’ कहते हैं।
यह एक डिप्लोमा कोर्स है जो विशेष रूप से उन लोगों के लिए बनाया गया है जो ग्रामीण भारत (Villages) में स्वास्थ्य सेवाएं देना चाहते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी मानता है कि भारत के गांवों में डॉक्टर्स की बहुत कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए CMS ED कोर्स तैयार किया गया है।
इस कोर्स को करने के बाद आप एक “प्राइमरी हेल्थ वर्कर” (Primary Health Worker) बन जाते हैं। इसका मतलब है कि आप लोगों को सर्दी, जुकाम, बुखार, पेट दर्द जैसी आम बीमारियों का इलाज दे सकते हैं और उन्हें पहली मदद (First Aid) पहुंचा सकते हैं।
अगर आप सरल भाषा में cms ed course in hindi का मतलब समझें, तो यह आपको “गांव का डॉक्टर” बनने की ट्रेनिंग देता है (हालाँकि आप कानूनी तौर पर अपने नाम के आगे ‘डॉक्टर’ नहीं लिख सकते, जिसे हम आगे विस्तार से समझेंगे)।
CMS ED Course Highlights (एक नज़र में)
नीचे दी गई टेबल से आप cms ed course details in hindi को जल्दी समझ सकते हैं:
| विवरण | जानकारी |
| कोर्स का नाम | CMS & ED (Community Medical Service & Essential Drugs) |
| कोर्स का प्रकार | डिप्लोमा (Diploma) |
| अवधि (Duration) | 18 महीने से 2 साल (इंटर्नशिप सहित) |
| योग्यता (Eligibility) | 10वीं या 12वीं पास (किसी भी स्ट्रीम से) |
| फीस (Fees) | ₹20,000 से ₹80,000 (संस्थान के अनुसार) |
| मान्यता | सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मान्य |
| नौकरी/करियर | अपना प्राइमरी हेल्थ सेंटर, मेडिकल असिस्टेंट, हेल्थ वर्कर |
CMS ED Course Eligibility (योग्यता: कौन कर सकता है?)

बहुत से छात्रों का सवाल होता है कि “मैं आर्ट्स साइड से हूँ, क्या मैं यह कोर्स कर सकता हूँ?” या “क्या इसके लिए बायोलॉजी जरुरी है?”
आपको जानकर खुशी होगी कि cms ed course in hindi करने के लिए नियम बहुत आसान हैं:
- शैक्षणिक योग्यता: छात्र को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं या 12वीं पास होना चाहिए।
- स्ट्रीम (Stream): जरुरी नहीं कि आप साइंस के छात्र हों। Arts, Commerce या Science—कोई भी स्ट्रीम वाला छात्र यह कोर्स कर सकता है।
- अनुभव (Experience): जो लोग पहले से किसी क्लिनिक या अस्पताल में काम कर रहे हैं (जैसे RMP डॉक्टर्स, कंपाउंडर, नर्स) उनके लिए यह कोर्स बहुत फायदेमंद है। कई संस्थान 10वीं पास वालों से 2 साल का मेडिकल अनुभव भी मांगते हैं।
- BAMS/BHMS डॉक्टर्स: कई बार आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक डॉक्टर्स भी एलोपैथिक (अंग्रेजी) दवाएं देने की बेसिक जानकारी के लिए यह कोर्स करते हैं।
CMS ED Course Fees (कोर्स की फीस कितनी है?)
मिडिल क्लास फैमिली के लिए cms ed course fees जानना सबसे जरुरी है। क्या यह बहुत महंगा है? जी नहीं।
अलग-अलग कॉलेज और शहरों में इसकी फीस अलग-अलग हो सकती है, लेकिन यह MBBS या BAMS के मुकाबले बहुत सस्ता है।
- औसत फीस: आमतौर पर पूरे कोर्स की फीस ₹20,000 से लेकर ₹80,000 के बीच होती है।
- किस्तों में भुगतान: ज्यादातर संस्थान आपको एक बार में पैसे देने के लिए मजबूर नहीं करते। आप सेमेस्टर वाइज (हर 6 महीने पर) या आसान किस्तों (EMI) में भी फीस दे सकते हैं।
- उदाहरण: कुछ संस्थान ₹30,000 में कोर्स कराते हैं, तो कुछ बड़ी यूनिवर्सिटीज (जैसे वेंकटेश्वरा यूनिवर्सिटी) ₹70,000 तक चार्ज कर सकती हैं।
Note: अगर कोई आपसे बहुत ज्यादा फीस मांगे, तो पहले दूसरे कॉलेजों में cms ed course fees पता कर लें।
CMS ED Course Duration (कोर्स कितने साल का है?)
यह कोर्स बहुत लंबा नहीं खिंचता। आप जल्दी सीखकर अपनी कमाई शुरू कर सकते हैं।
- कुल समय: यह कोर्स 18 महीने (1.5 साल) का होता है।
- विभाजन (Breakdown):
- 12 महीने (1 साल): पढ़ाई और थ्योरी क्लासेज (CMS – जन स्वास्थ्य)।
- 6 महीने: एसेंशियल ड्रग्स (ED) की पढ़ाई और इंटर्नशिप।
- कुछ संस्थान इसे 2 साल (4 सेमेस्टर) में भी कराते हैं।
CMS ED Course Syllabus in Hindi (आपको क्या पढ़ाया जाएगा?)

अगर आप cms ed course details in hindi ढूंढ रहे हैं, तो सिलेबस जानना बहुत जरुरी है। इसमें आपको डॉक्टर जैसी ही बेसिक चीजें पढ़ाई जाती हैं।
इस कोर्स को 2 सालों या 3 सेमेस्टर में बांटा गया है। चलिए विस्तार से देखते हैं:
पहला साल (1st Year) – शरीर और बीमारियों की समझ
- शरीर रचना विज्ञान (Anatomy): इसमें आप जानेंगे कि इंसान का शरीर कैसे बना है। हड्डियां, दिल, फेफड़े कहाँ होते हैं और कैसे दिखते हैं।
- शरीर क्रिया विज्ञान (Physiology): शरीर के अंग काम कैसे करते हैं? जैसे दिल का धड़कना, खाना पचना, सांस लेना।
- रोग विज्ञान (Pathology): बीमारियां क्यों होती हैं? खून और पेशाब की जांच रिपोर्ट कैसे पढ़ी जाती है?
- फार्माकोलॉजी (Pharmacology): यह सबसे जरुरी है। इसमें दवाओं के बारे में बताया जाता है—कौन सी दवा किस काम आती है और कितनी मात्रा (Dose) में देनी है।
- स्वास्थ्य और स्वच्छता (Health & Hygiene): आस-पास सफाई रखकर बीमारियों को कैसे रोका जाए।
दूसरा साल (2nd Year) – इलाज और प्रैक्टिस
- जन स्वास्थ्य (Public Health): गांव में महामारी फैलने पर उसे कैसे रोकें।
- प्राथमिक उपचार (First Aid): अगर कोई जल जाए, हड्डी टूट जाए, सांप काट ले या जहर खा ले, तो डॉक्टर के आने से पहले उसकी जान कैसे बचाएं।
- स्त्री रोग (Obstetrics & Gynaecology): गर्भवती महिलाओं की देखभाल और सुरक्षित डिलीवरी की बेसिक जानकारी।
- दवाओं की प्रैक्टिस (Practice of Medicine): अलग-अलग बीमारियों जैसे मलेरिया, टाइफाइड, डायरिया का इलाज कैसे करें।
- इंटर्नशिप (Internship): किसी अस्पताल या बड़े डॉक्टर के साथ रहकर काम सीखना।
CMS ED Medicine List (कौन सी दवाइयां आप दे सकते हैं?)

यह इस कोर्स का सबसे बड़ा फायदा है। cms ed course in hindi पूरा करने के बाद आपको WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) द्वारा पास की गई “एसेंशियल ड्रग्स” (Essential Drugs) इस्तेमाल करने की अनुमति मिलती है।
आप लगभग 100 से 150 प्रकार की एलोपैथिक (अंग्रेजी) दवाएं दे सकते हैं। यहाँ कुछ मुख्य दवाओं के नाम हैं जो आपके कोर्स में शामिल हैं
1. दर्द और बुखार की दवाएं (Analgesics & Antipyretics)
- Paracetamol (बुखार के लिए)
- Diclofenac, Ibuprofen (दर्द के लिए)
- Aspirin (हल्के दर्द के लिए)
2. पेट की दवाएं (For Stomach Issues)
- Antacids (गैस के लिए)
- Ranitidine, Omeprazole (एसिडिटी के लिए)
- Oral Rehydration Solution (ORS – दस्त या पानी की कमी के लिए)
- Dicyclomine (पेट दर्द के लिए)
3. इन्फेक्शन की दवाएं (Antibiotics)
- Amoxicillin
- Metronidazole (पेट के इन्फेक्शन के लिए)
- Ciprofloxacin (कान/आँख के लिए)
- Ampicillin
4. ताकत और विटामिन (Vitamins)
- Iron Folic Acid (खून बढ़ाने के लिए)
- Vitamin C, Vitamin B Complex
- Calcium tablets
5. मरहम और लोशन (Ointments)
- Povidone Iodine (Betadine – चोट पर लगाने के लिए)
- Burnol / Silver Sulphadiazine (जलने पर)
- Clotrimazole (दाद-खाज के लिए)
(नोट: आप कोई भी बहुत भारी या खतरनाक दवा (Steroids या High Antibiotics) नहीं दे सकते। केवल प्राइमरी दवाएं ही मान्य हैं।)
क्या CMS ED के बाद अपना क्लिनिक खोल सकते हैं? (Legal Status)
यह सबसे बड़ा सवाल है जो हर छात्र पूछता है: “क्या cms ed course in hindi करने के बाद मैं अपना क्लिनिक खोलकर बैठ सकता हूँ?”
इसका जवाब है—हाँ, लेकिन नियमों के साथ।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला (Supreme Court Judgment)
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले (Subhasis Bakshi vs West Bengal Medical Council) में यह साफ कहा है कि CMS ED डिप्लोमा धारकों को ग्रामीण क्षेत्रों (Rural Areas) में इलाज करने का अधिकार है।
कोर्ट ने माना कि गांवों में एमबीबीएस डॉक्टर्स नहीं जाते, इसलिए वहां के लोगों को मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता। इसलिए, CMS ED पास व्यक्ति “एसेंशियल ड्रग्स” के साथ प्राइमरी इलाज कर सकता है और दवा लिख (Prescribe) सकता है।
महत्वपूर्ण शर्तें:
- केवल ग्रामीण क्षेत्र: आप बड़े शहरों में बड़ा अस्पताल नहीं खोल सकते। यह कोर्स गांवों के लिए है।
- प्राइमरी इलाज: आप सिर्फ शुरुआती इलाज कर सकते हैं। अगर मरीज की हालत गंभीर है (जैसे हार्ट अटैक, बड़ा एक्सीडेंट), तो उसे तुरंत बड़े अस्पताल रेफर करना होगा।
- NOC लेना जरुरी: कोर्स पूरा करने के बाद आपको अपने जिले के CMO (Chief Medical Officer) ऑफिस से NOC (No Objection Certificate) या रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना चाहिए। इसके बाद आप लीगल तरीके से प्रैक्टिस कर सकते हैं।
- डॉक्टर शब्द का प्रयोग: आप अपने नाम के आगे “Dr.” नहीं लिख सकते। यह गैर-कानूनी है। आप अपने क्लिनिक पर “Primary Health Worker” या “Community Health Service Centre” लिख सकते हैं।
CMS ED Course Jobs & Career (करियर और कमाई)
cms ed course details in hindi जानने के बाद अब बात करते हैं कमाई की। इस कोर्स के बाद आपके पास रोजगार के कई रास्ते खुल जाते हैं:
- अपना प्राथमिक उपचार केंद्र (Own Clinic): गांव या कस्बे में अपना छोटा क्लिनिक खोल सकते हैं और लोगों का इलाज कर सकते हैं। यह सबसे लोकप्रिय विकल्प है।
- प्राइवेट अस्पताल में नौकरी: आप किसी भी नर्सिंग होम या बड़े डॉक्टर के पास मेडिकल असिस्टेंट या जनरल फिजिशियन असिस्टेंट के रूप में काम कर सकते हैं।
- एम्बुलेंस या इमरजेंसी सेवा: आप Emergency Medical Technician (EMT) के रूप में एम्बुलेंस में काम कर सकते हैं, जहाँ मरीज को अस्पताल ले जाते समय देखभाल करनी होती है।
- दवाओं की जानकारी (Medical Representative): आप दवा कंपनियों में MR बनकर डॉक्टर्स को दवाओं के बारे में बता सकते हैं। इसमें अच्छी सैलरी मिलती है।
- NGO और सरकारी प्रोजेक्ट्स: कई बार सरकार या NGO गांवों में हेल्थ प्रोजेक्ट चलाते हैं, जहाँ उन्हें ऐसे हेल्थ वर्कर्स की जरुरत होती है।
सैलरी (Salary):
शुरुआत में आप किसी अस्पताल में ₹15,000 से ₹25,000 महीना कमा सकते हैं। अनुभव होने पर यह ₹40,000 तक जा सकती है। अगर आप अपना क्लिनिक चलाते हैं, तो कमाई आपकी मेहनत और मरीजों की संख्या पर निर्भर करती है।
CMS ED Course Admission Process (एडमिशन कैसे लें?)

cms ed course in hindi में एडमिशन लेना बहुत आसान है। इसमें NEET जैसी कोई कठिन परीक्षा नहीं होती।
- कॉलेज चुनें: सबसे पहले एक मान्यता प्राप्त संस्थान चुनें जो यह कोर्स कराता हो। (कुछ कॉलेजों की लिस्ट नीचे दी गई है)।
- फॉर्म भरें: कॉलेज जाकर या ऑनलाइन फॉर्म भरें।
- दस्तावेज (Documents): आपको ये कागज चाहिए होंगे:
- 10वीं और 12वीं की मार्कशीट।
- आधार कार्ड।
- 4 पासपोर्ट साइज फोटो।
- मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट।
- फीस जमा करें: फीस जमा करने के बाद आपका एडमिशन हो जाएगा।
- क्लासेज: आप रेगुलर (रोज कॉलेज जाकर) या डिस्टेंस (घर बैठे पढ़ाई + प्रैक्टिकल के लिए जाना) दोनों तरह से यह कोर्स कर सकते हैं।
Top Institutes List (कुछ प्रमुख संस्थान):
- National Institute of Medical Science, New Delhi
- Community Medical Services & Training Institute (CMSTI), Lucknow
- Indian Council for Alternative Medicine
- Shri Venkateshwara University (SVU), UP
- Singhania University, Rajasthan
People Also Ask (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
आप एक डॉक्टर की तरह काम कर सकते हैं और मरीजों का इलाज कर सकते हैं, लेकिन कानूनी रूप से आप MBBS डॉक्टर नहीं हैं। इसलिए आप अपने नाम के आगे ‘Dr.’ नहीं लगा सकते। आप एक “सामुदायिक स्वास्थ्य सेवक” कहलाते हैं।
हाँ, भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग में “आशा वर्कर सुपरवाइजर”, “कम्युनिटी हेल्थ वॉलंटीयर” या अनुबंध (Contract) आधारित नौकरियों के लिए यह मान्य होता है। कोरोना काल में कई राज्यों ने CMS ED पास छात्रों को सरकारी सेवा में लिया था।
जैसा कि हमने ऊपर बताया, cms ed course fees आमतौर पर ₹25,000 से ₹50,000 के बीच होती है। कुछ बड़े कॉलेज ₹80,000 तक भी लेते हैं। आप इसे किस्तों में दे सकते हैं।
जी हाँ। इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य ही यही है। आप WHO द्वारा निर्धारित ‘एसेंशियल ड्रग्स लिस्ट’ (प्राथमिक उपचार वाली एलोपैथिक दवाएं) अपने मरीजों को लिख सकते हैं और दे सकते हैं।
बिल्कुल। अगर आप 10वीं पास हैं, तो भी आप यह कोर्स कर सकते हैं। बस कुछ संस्थान आपसे 10वीं के साथ 2 साल का मेडिकल क्षेत्र का अनुभव मांग सकते हैं।